नोन ए सी कूड़ेदान – ए सी मे कूड़ेदान

नोन ए सी कूड़ेदान – ए सी मे कूड़ेदान

बचपन मे स्कूल मे पढ़ते थे , भारतिया रेलवे का इतिहास , हर्ष होता था ! अब भी हो जाता है !

रेल विकास धारा है , कहते है अगर किसी इलाक़े मे रेल पहुँच जाए तो उस इलाक़े का कल्याण खुद ही हो जाता है ! उल्लाहास और उमंग से भरा रेल का सफ़र , हम सभी के जीवन का हिस्सा है ! नये लोगो से मुलाकात , कुछ उसकी बात कुछ अपनी बात ! चाय चाय का अनुप्रास और आलू पूड़ी से टूटता उपवास ! वो लटकती जंजीर जिसे मरने से पहले एक बार खिचने की इच्छा सदा जीवित रहती है ! काले कोट वाला टी टी खुद को चलती रेल मे ओबामा सा पाता है ! कई खट्टी मीठी चुस्कियों से भरा सफ़र है, भारतिया रेलवे का…

मुद्दे पर आता हूँ !

कुछ जानकारी एकत्रित की तो मालूम हुआ की वातानुकूलित डिब्बो मे वॉश बेसिन ने नीचे कूड़े दान दिए गये है जो की अन्य किसी डिब्बो मे नही दिए जाते ! कुछ प्रश उठे हैं मन मे , उत्तर ना मिल पाने पर लिख रहा हूँ !

रेल गाड़ी मे या प्लेटफार्म पर जो भी समान बिकता है , उसके खरीददार यात्री होते है ! सब कुछ रेलवे की परिधि के अंदर होता है ! जिसने प्लेटफार्म पर खाया पिया, यह उसके विवेक पर है की वो , कप , प्लेट , या कूड़ा , कूड़े दान मे फैंके ! परंतु रेल के आम या नोन ए सी डिब्बो , मे अगर कोई ख़ाता पिता है तो ,१०० साल के इतिहास मे आप ने उसको अपनी ओर से कोई सुविधा नही दी , तो वो आदतन कूड़ा या तो रेल से बाहर , जंगल या खेत मे फैंक देगा या डिब्बा गंदा करेगा !

जैविक कूड़ा होगा , तो वो कही भी गिरे , पॅंचभूत मे विलीन हो जाएगा परंतु प्लास्टिक अगर जंगल मे या खेतो मे गिरेगा तो वो सदा रहेगा , कई प्रकार से धरती माँ को सताता रहेगा , पर्यावरण का सर दर्द बनेगा ! बनेगा नही बन चुका है !

नारा Educate for Awareness है ! मालूम चला की रेलवे स्टाफ को कहा जाता है की कूड़ा इकट्‍ठा करे और अगले स्टेशन पर कूड़े दान मे डाल दे ! अब यह रूल तो रूल बुक मे ही सुंदर लगता है , इतनी चेतना जाग गई की ऐसा होता होगा , मैं नही मानता और परिणाम भी आपके सामने हैं !

कूड़े दान का विषय ए सी , नोन ए सी , या आम डब्बो की सुविधा से अलग है, क्यूकी यह पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा है ! तो तर्क और विवेक कहता है की भारतिया रेलवे को सभी डिब्बो मे वॉश बेसिन के नीचे कूड़े दान रखना चाहये ! हर डिब्बे मे छोटे छोटे स्टिकर लगाने चाहये ” कूड़ा कूड़े दान मे फैंके ” …

हो सकता है शुरू शुरू मे कुछ ही लोग पालन करे , पर सुविधा होगी तो शांति से क्रांति आएगी !

@राहूलयोगीदेवेश्वर

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