फिल्म निर्माण

फिल्म निर्माण

यह पत्र है , जो किसी मित्र को लिखा , फिर सोचा ,आप भी तो मित्र है , संभवतः आप के काम भी आ सकता है , जी हाँ , जिसे लिखा था उसकी अनुमति ले ली है !🙂

मैं अपने ज्ञान के अनुसार कुछ बाते आपके समक्ष रख रहा हूँ ! आशा करता हूँ की मेरी बाते आप के काम आए गी ! अगर मेरी लिखी हुए बाते आप को पहले से ही मालूम हों तो मेरे अनुमोदन के लिए शमा करना !

किसी भी भाव को आकार देने का कोई सिद्धांत रूप नही बना है , ना ही उसके कोई न्यायादेश , ना ही कोई नियम है ! बस ऐसा ही कुछ Documentary Film के साथ होता है ! उसकी कोई निर्धारित स्क्रिप्ट नही होती ! वो छोटी , छोटी जानकारी को एक माला मे पिरोने जैसा होता है !

मेरा मानना है , और अधिकतर ऐसा ही होता है की जब documentary film बनाई जाए , तब अलग अलग स्वरूप मे जानकारी इकट्ठा की जाती है ! यहाँ जानकारी का अर्थ .Video Clips है !

मेरा ऐसा मानना है की जिस विषय पर आप ये फिल्म बना रहे हैं , उस पर आप को कोई जानकारी की ज़रूरत नही , आप का ज्ञान सक्षम एवम् पूरण है ! इस बात को मैने मध्य नज़र रखा है !

मुझे लगता है के पहला कदम वो प्रश्न होंगे जो , उन लोगो से पूछे जाने चाहिए , जिस विषय पर Film आधारित है ! , उनको रेकॉर्ड किया जाना चाहिए !

प्रथम चरण  -एक्शन प्लान :-

१. उन प्रश्नो का निर्माण, जिस विषय पर Film आधारित है ! ! यही वो समय होगा जब वो अपनी कहानी ,या जीवन की कोई घटना खुल कर सामने लाएगे !
२. उन स्थानो का डाटा बेस जहाँ जा कर लोगो से ये प्रश्न पूछे जाए !
२. रेकॉर्डिंग के लिए सुविधा का आयोजन !

यह इकट्ठा किया गया Footage , अनुसन्धान का पहला चरण होगा , साथ साथ ही documentary film लगभग 30% हिस्सा भी !

द्वितीय चरण – एक्शन प्लान :- 

१. कुछ छोटी , छोटी स्क्रिप्ट्स को लिखना जो की प्रथम चरण मे लोगो द्वारा दी गई समस्या का  समाधान दर्शाती हो !
२. उन स्क्रिप्ट्स के लिए पात्र ( Actors ) ढूंडना एवम् शूट करना.

तृतीय चरण – एक्शन प्लान :- 

१. जहाँ जहाँ महसूस होता हो , और जो ज्ञान द्वितीय चरण की स्क्रिप्ट्स द्वारा ना दिया गया हो , या द्वितीय चरण की स्क्रिप्ट्स मे ना दर्शया जा सकता हो , वहाँ वहाँ आप का इंटरव्यू / डिस्कोर्स डाला जाना चाहिए !

२. तृतीय चरण के प्रथम बिंदु पर अनुसंधान करना !

चौथा चरण -एक्शन प्लान :- 

१. समाज मे कुछ ऐसी  सम्मानित हस्तिया होती है ,जिनकी बात लोग सुनना चाहते है , और उन बातो पर गौर भी करते है , ऐसे कुछ लोगो को अंकित करना !

२. उनको अपनी पूरी बात समझना , और उनका इंटरव्यू कुछ खास बिंदुओ पर रेकॉर्ड करना !

पाँचवा चरण – एक्शन प्लान

१. चार चरण मे इकट्ठा की गई footage को एक rough edit line मे जोड़ना !
२. अब ऐसे कई बिंदु नज़र आएगे जो अभी भी इस documentary film का हिस्सा हो सकते है , उन बिंदुओ को मध्य नज़र रखते हुए एक Voice Over Script  का निर्माण करना !
३. Voice Over Script को रेकॉर्ड करना !

समानांतर चरण – एक्शन प्लान :-

१. कुछ ऐसे बिंदु होते हैं , जो हम 3D- Graphics दवारा दर्शाना चाहते है ! सुंदर 3D- Graphics का निर्माण एक लंबी प्रक्रिया है ! जिस जिस बिंदु को पूर्ण रूप से 3D- Graphics  दवारा दिखना है , और 3D- Graphics किस प्रकार का हो , उस पर 3D- Graphics के विशेषज्ञ लोगो से बात करना !  उनकी बात को समझना और अपने budget  के अनुसार निर्णय लेना !

२. कुछ ऐसा 3D- Graphics होता है , जो की पात्र ( Actor ) के साथ दर्शया जाता है ! उसका ज्ञान या तो पहले से होगा , या द्वितीय चरण  शूट से पहले होना ज़रूरी है ! इसे LIVE ACTION कहा जाता है ! LIVE ACTION की Planning के वक़्त कुछ  लोगो का होना ज़रूरी है , एक तो वो जिसने LIVE ACTION  का आइडिया बनाया हो , दूसरा 3D- Graphics के विशेषज्ञ , फिर फिल्म का director , अंतत जो फिल्म को EDIT करने वाला है ! इन सब लोगो का शूट के वक़्त हाज़िर होना भी ज़रूरी है ! ताकि उस समय या भविष्य मे आने वाली किसी भी समस्या को वही निपटाया जा सके ! भविष्य मे दुबारा शूट करे की नोबत भी ना आए !

अंतिम चरण –  एक्शन प्लान 

१. पूरी footage and Recorded Voice Over Script and 3D- Graphics को EDIT करना !
२. color correction करवाना !

आशा करता हूँ की मेरे द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी आप को काम आएगी !

@राहुलयोगीदेवेश्वर

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