श्री अनुपम खेर जी -पी एंड जी शिक्षा

पदम श्री अनुपम खेर जी
सादर प्रणाम !
नववर्ष की बहुत बहुत बधाई !

anupamkher

आपके सृजनात्मक व्यक्तित्व , भावुक कलाकारी एवं सकारात्मक समाज कल्याण के योगदान से हम सब परिचित हैं ! आपने अपनी आवाज़ हर उस कठिन मोड़ पर उठाई है , जहाँ आप को क्षणिक भर भी समाज एवम् युवा की धारा , सृजनात्मक दिशा की तरफ जाती दिखी! अन्ना जी द्वारा किया गया आंदोलन हो या कुछ ही दिनो पहले,बलात्कार जैसे घोर अपराध पर, इंडिया गेट पर युवा आंदोलन हो , आपके बेशर्त समर्थन एवम् समपर्ण से हर कोई परिचित है !

सारांश , आपका मुझ से पहला परिचय था, आपके प्रबल अभिनय ने, मेरे बचपन मे ही, मुझे कई भावुक सवालो के उत्तर दिए है! क्षणिक रूप से ही सही परंतु मेरी जीवन विकास धारा मे आपके योगदान को मैं भुला नही सकता ! उम्र मे बहुत छोटा होने की वजह से धन्यवाद रूप मे आपको प्रणाम करता हूँ ! जाने कितने ऐसे अवगत या अनभिज्ञ होंगे जो आपका अभिनय देख कर, जीवन मे विकास धारा से जुड़े होंगे , मैं इसे मौका मान कर आभार प्रकट करता हूँ !

1982 से अभी तक आपके काम को कई बार सराहा गया , अनेको अनेक सम्मानो से अलंकृत किया गया ! सी बी फ सी के सभापति के रूप मे भी आपका कार्यकाल चुनौति से भरा रहा ! आपके द्वारा अभिनय एवं फिल्म निर्देशन सीखे बच्चे , दुनिया मे अपना नाम कमा रहे है !

अल्पसुविधा-प्राप्त बच्चो की शिक्षा से जुड़े आपके योगदान ने कई लोगो की सोच मे चेतना जगाई है , फिर साधन चाहे , दी अनुपम खेर फाउंडेशन हो , प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन हो या पी एंड जी शिक्षा , आपने अपना सहयोग सदा दिया है !

निवेदन है !

आपका सतीश सुंदरेसन,April 09, 2010 ,Bollywood humgama पर वक्तव्य पढ़ा , जिस मे अपने कहा http://www.bollywoodhungama.com/news/1194569/Anupam-Kher-signed-up-as-the-Brand-Ambassador-for-PGs-Project-Shiksha

“Its P&G’s campaign about child education. I have worked with a lot of children’s causes. That’s why they asked me to be the brand ambassador for ‘Project Shiksha’. It’s a project which deals with girl child in general. As the brand ambassador, I will be bringing in awareness regarding the importance of education and now with government introducing the Education Bill; it only further facilitates the cause.”

कुछ ही दिनो पहले आपको टी वी पर, पी एंड जी के विज्ञापन मे देखा , कुछ सवाल मन मे उठे, उत्तर ना मिल पाने की स्थिति मे, जिन्हे मैं आपके समक्ष रखना चाहता हूँ ! मेरा दृष्टि नैतिक है , करार एवम् क़ानून से परे , आशा है आप संज्ञान लेंगे !

विज्ञापन का इंटेनेट लिंक : https://www.youtube.com/watch?v=ZH-fcDUnbS0

मेरी समझ के अनुसार , कॉर्पोरेट सोशियल रेस्पोंसियब्लिटी , एक क़ानून है , जिस मे अपनी कमाई का कुछ प्रतिशत पैसा समाज कल्याण के कामो मे लगाना पड़ता है ! इसे कई देशो की सरकारो ने अपनाया , भारत मे लगभर 1950 मे समिलित किया गया ! कई वर्षो तक सी.एस.आर , व्यापारी के खातो मे सैद्धांतिक रूप मे रहा ! बीते कुछ वर्षो मे Greenpeace जैसी समाज सेवी संस्थाओ ने कई बड़े बड़े, व्यापरो मे घपलो एवम् मानव अधिकार हनन को उजागर किया , जिससे पीछा छुड़ाने के लिए गर्भ मे छुपे सी.एस.आर की तरफ व्यापारीओ का शोध गया ! अपनी छवि सुधारने के लिए इसे इतिहास से जगा वर्तमान मे ला खड़ा किया !

समाज कल्याण के लिए साधन कही से भी आए , पर योगदान ज़रूरी है , इस सत्य पर मेरी सहमति है !

मेरे सुनने मे आया है की, भारत सरकार अगले सत्र मे, राज्य सभा मे भी, सी.एस.आर धारा , जो की दा कंपनीज़ बिल 1956 के अंतर्गत है, उसमे कुछ संशोधन लाने का बिल पास करवा लेने वाली है, मेरी जानकारी अनुसार जिसे dec.2012 मे, लोक सभा की अनुमिति मिल चुकी है, जिससे हर वो व्यापारी जिस की बिक्री 1000 करोड़ के उपर होगी उसे अपनी कमाई का 2% योगदान समाज कल्याण से जुड़े कार्यक्रमो मे देना अनिवार्या हो जाएगा ! ऐसा भी सुनने मे आया है की जो व्यापारी बीते कुछ वर्षो से सी.एस.आर के तहत पैसा खर्च कर रहे है , उन्हे सरकार उनके मूल टॅक्स मे कुछ छूट का उपहार दे सकती है ! संभवतः यह अभी तक निर्देश है ,अनिवार्या क़ानून नही !

कोई व्यापारी अगर समाज सेवा करता है तो उसे नैतिक समझा जा सकता है , क्यूकर उसके जमीर मे आवाज़ उठी होगी की अगर मैं सक्षम हूँ तो मेरा समाज के तरफ भी कुछ योगदान बनता है !

अपितु जो टॅक्स अनिवार्या है , जिसे उसी व्यापारी को समाज कल्याण मे देना ही है , ऐसा जैसा हमारा क़ानून या निर्देश कहते है , उस पैसे से अपने नाम ही वाहा वाही करना कितना शोभावान होगा , यह एक नैतिकता का प्रश्न है !

पी एंड जी, एक विख्यात एवम् सक्षम व्यापारी संस्था है , उसका इतिहास ही ऐसा है , की अगर वो कोई भी पैसा विज्ञापन मे ना खर्च करे तब भी उनका सामान बिकेगा , उनकी मंशा , उनकी गुणवत्ता से मुझे या संभवतः किसी को कोई आपत्ति नही है , अथवा होगी ! अपितु मेरी अगर कोई भी सहानुभूति पी एंड जी से होती तो मैं प्रश्न उन से करता , आपका प्रशंसक होने के नाते आप से अपने आप को जुड़ा महसूस करता हूँ !

पी एंड जी शिक्षा के विज्ञापन मे आपको पी एंड जी का सामान खरीदने कहता सुन , मेरे मन मे सवाल उठे हैं , पी एंड जी शिक्षा अभियान के रचयिता अगर अपने विज्ञापन की विषय-वस्तु को पी एंड जी शिक्षा के मूल रूप , लक्ष्य , गुण एवम् दूरदर्शिता, का प्रचार कर चेतना जागये या जन मानस तक पहुँचने का प्रयास करे तो उसे नैतिक कहा जा सकता है !
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यह बात मानना असंभव है की एक सम्माननीय व्यापारी संस्था , अपने कथित समाज सेवा कार्यक्रम के द्वारा , अपना सामान बेचने का प्रयास करे ! संभवतः उनकी मंशा वाहा-वाही लूटना या ग्राहक के मन मे मधुर छवि बनाना हो सकती है , ना भी हो तो भी आप को उनकी मंशा के बीच खड़ा देख , दर्शक को ऐसा ही प्रतीत होता है !

अगर पी एंड जी आपको सिर्फ़ अपना सामान बेचने के लिए विज्ञापन मे ले, तो उस से किसी को कोई आपत्ति नही होगी या होनी चाहिए !

मुझे आशा है की आप, पी एंड जी शिक्षा को सुझाव देंगे, की वो अपने विज्ञापन की विषय-वस्तु पर ध्यान दे , एवम् उन सब विज्ञपानो के प्रसार पर रोक लगाए जिन मे आप उनके सामान का प्रचार कर रहे है ! नये विज्ञपानो का निर्माण हो जिस की विषय-वस्तु का आधार सिर्फ़ अल्पसुविधा-प्राप्त बच्चो की शिक्षा का प्रबंध एवम् प्रचार प्रसार हो !

girls P and G

लिखते वक़्त कुछ आपत्तिजनक कह दिया हो तो , छोटा समझ कर क्षमा करे ! आशीर्वाद रूप मे आपके उत्तर का अभिलाषी !

आपकी अच्छी सेहत की कामना के साथ अपना पत्र समाप्त करता हूँ !

राहुल योगी देवेश्वर
प्रशंसक

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